जागृति
जागृति IHA की मासिक हिंदी-साहित्य वेबिनार श्रृंखला है। भारतीय स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव (2021-22) के अवसर पर आरंभ — यह श्रृंखला विद्वानों, भाषाविदों, लेखकों और प्रकाशकों को एक मंच पर लाकर हिंदी साहित्य की चर्चा करती है और नए लेखकों को प्रेरित करती है।
अमेरिका स्थित अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति
हिन्दी भाषा और साहित्य के संरक्षण और प्रचार/प्रसार के लिए प्रतिवद्ध, 1980 में स्थापित, एक वैश्विक हिन्दी संस्थान है। समिति का पहला कवि-सम्मेलन माननीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की अध्यक्षता में 1980 में हुआ था और तबसे भारत और बाहर के कई गणमान्य व्यक्तियों ने समिति के कार्यक्रमों में उपस्थित होकर इसका मान बढ़ाया है — जिनमें सर्वश्री शत्रुघ्न सिन्हा, विनोद खन्ना, केशरी नाथ त्रिपाठी और कवि नीरज प्रमुख हैं। पिछले 41 वर्षों में समिति के प्रयत्न हिंदी शिक्षण, अपनी त्रैमासिक हिंदी पत्रिका विश्वा, और कवि-सम्मेलनों पर केंद्रित रहे हैं।
स्वतंत्रता के इस अमृत महोत्सव वर्ष (2021-2022) के उपलक्ष में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति ने अपने नए प्रयत्न ‘जागृति’ की शुरुआत की है। ‘जागृति’ हिन्दी साहित्य केंद्रित है; और इसका उद्देश्य हैं — हिन्दी के विश्व-प्रसिद्ध विद्वानों की वक्तृता और विचार-विनिमय द्वारा हिन्दी के विशाल साहित्य भंडार को समझना और नए लेखकों को हिन्दी में साहित्य-सृजन के लिए अनुप्रेरित करना। इसमें विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, भाषाविद, लेखक और प्रकाशक जैसे हितधारक शामिल हैं।
इसके लिए समिति ने विद्वानों के वक्तव्यों और चर्चाओं की एक मासिक वेबिनार शृंखला आरंभ की है। इस वेबिनार का सीधा प्रसारण फेसबुक और संभवतः यूट्यूब पर किया जाता है। श्रृंखला के वेबिनार प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को भारतीय समय से रात्रि 9:30 बजे प्रसारित किए जाते हैं।
जागृति वेबिनार
- पहला वेबिनार: अपनी हिंदी की पहचान — 5 फरवरी, 2022
- दूसरा वेबिनार: आदिकाल का साहित्य — इतिहास के पन्नों से, 12 मार्च, 2022
- तीसरा वेबिनार: आदिकाल से भक्तिकाल की यात्रा — 9 अप्रैल, 2022
- चौथा वेबिनार: भक्ति काव्य का उद्भव और स्वरूप — 14 मई, 2022